क्या तेजस्वी यादव होंगे महागठबंधन के प्रधान नेता? कांग्रेस में उठ रहे सवाल!
बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस में बवाल: क्या तेजस्वी यादव ही होंगे महागठबंधन के सीएम फेस?
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर मतभेद सामने आए हैं। इस बार विवाद की जड़ राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव को लेकर है। कांग्रेस ने हाल ही में राजद के साथ गठबंधन की पुष्टि की है, लेकिन महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर पार्टी के नेताओं में सहमति नहीं बन पा रही है।
कांग्रेस नेताओं में टकराव, एक ही सवाल पर दो अलग जवाब
बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के चेहरे होंगे। उन्होंने कहा, “इसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है। राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास सबसे अधिक सीटें होंगी। ऐसे में तेजस्वी यादव की अगुवाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” उन्होंने यह बात एक इंटरव्यू में कही और इसे अपने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया।
वहीं, बिहार कांग्रेस के वर्तमान प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने इस पर कोई स्पष्ट राय नहीं दी है। उनका कहना है कि “यह फैसला पार्टी की बैठक के बाद ही होगा।”
कांग्रेस विधायकों में भी मतभेद, एक-दूसरे से उलझे
इस मुद्दे पर कांग्रेस के दो विधायकों के बीच भी तीखी बहस छिड़ गई है। भागलपुर से विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि “अभी सीएम फेस तय नहीं हुआ है, समय आने पर फैसला होगा।” लेकिन दूसरी ओर, मुन्ना तिवारी ने सीधे तेजस्वी यादव के समर्थन में बयान देकर पार्टी को चौंका दिया। उन्होंने कहा, “यह तय हो चुका है कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के सीएम फेस हैं। बिहार प्रभारी के आने से पहले ही यह निर्णय लिया जा चुका है।”
क्या यह विवाद महागठबंधन के लिए बड़ी चुनौती बनेगा?
राजद और कांग्रेस के बीच गठबंधन तो बन गया है, लेकिन नेतृत्व को लेकर यह टकराव चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है। जहां एक ओर कांग्रेस के कुछ नेता तेजस्वी यादव को सीएम फेस मान रहे हैं, वहीं दूसरे नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। क्या यह अंदरूनी कलह महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़ा करेगी? आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।