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भगत सिंह जन्मदिवस पर एआईएसएफ और सीपीआई(एम) ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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टोरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में स्थित भगत सिंह स्मारक शनिवार को क्रांति के प्रतीक की 118वीं जयंती

पटोरी। पटोरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में स्थित भगत सिंह स्मारक शनिवार को क्रांति के प्रतीक की 118वीं जयंती के अवसर पर युवाओं और वामपंथी कार्यकर्ताओं के जोश से गूंज उठा। अखिल भारतीय छात्र फेडरेशन (एआईएसएफ) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से शहीद-ए-आज़म को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में भगत सिंह के सिद्धांतों और आदर्शों को आज के सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में कितना प्रासंगिक माना जाए, इस पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे माकपा अंचल मंत्री अनिमेष कुमार राय ने इस ऐतिहासिक दिवस के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्य वक्ता के रूप में एआईएसएफ लनामिवि संयोजक अविनाश कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “भगत सिंह केवल एक शहीद ही नहीं, बल्कि एक चिंतक और दार्शनिक भी थे। आज का युवा उनसे सिर्फ शहादत की दास्तान नहीं, बल्कि साम्राज्यवाद और शोषण के खिलाफ खड़े होने का साहस सीख सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान दौर में जहाँ जन-विरोधी नीतियों और आर्थिक असमानताओं ने समाज को गहराई से विभाजित किया है, वहाँ भगत सिंह का सपना ‘सामाजिक न्याय पर आधारित भारत’ और भी अधिक प्रेरणादायक हो जाता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से इस दिशा में संगठित होकर आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह की प्रतिमा पर फूलमालाएँ चढ़ाकर उनकी अमर क्रांति को नमन किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहीद के विचारों को आम जनता तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

इस अवसर पर छात्र नेता अभिषेक कुमार, आलोक कुमार, विकास कुमार, संतोष कुमार, रामईश्वर राम, महेंद्र राय, विष्णुदेव राय, देवेंद्र महतो, अवधेश पासवान, रामाशीष दास, अंजनी कुमार दास एवं सरोज मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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