बीजेपी से इस्तीफे के बाद यूट्यूबर मनीष कश्यप पर FIR, छपरा में आज होगी कानूनी कार्रवाई
छपरा, 28 मार्च 2025: बिहार के चर्चित यूट्यूबर और भाजपा नेता मनीष कश्यप ने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया है। यह कदम उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर छपरा के दिघवारा थाना में महिलाओं की पिटाई की खबर प्रसारित करने के बाद दर्ज हुई FIR से नाराजगी में उठाया है। मनीष ने स्पष्ट किया कि वह 28 मार्च (शुक्रवार) को भाजपा से औपचारिक रूप से इस्तीफा देंगे और उसके बाद छपरा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करेंगे
मामले की पृष्ठभूमि
- यूट्यूब रिपोर्टिंग पर FIR: मनीष के चैनल सहित 11 यूट्यूबर्स के खिलाफ छपरा साइबर थाने में भ्रामक खबर फैलाने के आरोप में केस दर्ज हुआ। आरोप है कि उन्होंने दिघवारा की घटना को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जिससे सामाजिक तनाव फैलने का खतरा था
- बीजेपी से इस्तीफे की वजह: मनीष ने फेसबुक लाइव में कहा, “मैं पार्टी छोड़कर गिरफ्तारी दूंगा, ताकि कोई यह न कहे कि मैं BJP में होने के कारण सुरक्षित था।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें कानूनी सहायता नहीं दी
- कानूनी धाराएं: FIR में BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 353(1)(बी) (समाज में अशांति फैलाना) और IT एक्ट की धारा 67 (अपराधिक सामग्री प्रसारित करना) शामिल हैं, जिसमें 3 साल तक की जेल का प्रावधान है
मनीष कश्यप का राजनीतिक सफर
- बीजेपी में प्रवेश: 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने मां के कहने पर भाजपा ज्वाइन की थी। दिल्ली में मनोज तिवारी और जेपी नड्डा ने उनका स्वागत किया था
- चुनावी भूमिका: झारखंड और दिल्ली चुनाव में उन्होंने BJP उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया और पीएम मोदी-अमित शाह से मुलाकात की
- पिछले विवाद: 2023 में तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के फर्जी वीडियो केस में उन्हें जेल हुई थी। बाद में बेतिया में आत्मसमर्पण करना पड़ा था
आगे की कार्रवाई
- मनीष ने कहा कि वह “स्वतंत्र पत्रकारिता” के लिए लड़ते रहेंगे, लेकिन प्रशासन का दावा है कि उन्होंने झूठी खबरों से अशांति फैलाने का प्रयास किया
- छपरा पुलिस ने पुष्टि की कि 11 अन्य यूट्यूबर्स के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है, जिनमें से कई अज्ञात हैं
निष्कर्ष: यह मामला सोशल मीडिया जगत और राजनीति के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करता है। मनीष का इस्तीफा और आत्मसमर्पण उनके लंबे विवादित इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।