bihar

बिहार में NHAI के जीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप, रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद हुआ निलंबन

सीबीआई की कार्रवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के जनरल मैनेजर (GM) रामप्रीत पासवान को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। इस घटना के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने तुरंत उन्हें निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

  • सीबीआई ने NHAI के 6 अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के 6 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
  • क्षेत्रीय अधिकारी वाई.बी. सिंह, डीजीएम कुमार सौरभ, प्रोजेक्ट डायरेक्टर ललित कुमार, साइट इंजीनियर अंशुल ठाकुर और एजीएम (लेखा) हेमेन मेघी को तत्काल स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • इन सभी अधिकारियों को अब सड़क परिवहन मंत्रालय से जोड़ दिया गया है।

बिहार में NHAI की परियोजनाओं पर सवाल

  • बिहार में 40,000 करोड़ रुपये की सड़क एवं पुल निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं, जबकि 1 लाख करोड़ रुपये की योजनाएं प्रस्तावित हैं।
  • चौंकाने वाला तथ्य: NHAI बिहार कार्यालय में अधिकांश कर्मचारी संविदा आधार पर काम कर रहे हैं। इनकी नियुक्ति 3 से 5 साल के लिए की जाती है, लेकिन हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी इन्हीं के हाथों में होती है।

क्या संविदा कर्मियों पर भरोसा सही?

abb computer

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: क्या इतने बड़े बजट वाली परियोजनाओं की निगरानी संविदा कर्मियों के भरोसे छोड़ देना उचित है? जब नियमित अधिकारियों के बजाय अस्थायी कर्मचारी प्रमुख भूमिकाओं में हों, तो पारदर्शिता और जवाबदेही पर संदेह पैदा होना स्वाभाविक है।

अब क्या होगा आगे?

  • सीबीआई इस मामले की गहन जांच कर रही है।
  • NHAI प्रशासन को अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
  • भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाने की मांग उठने लगी है।

यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है। आने वाले दिनों में इसके और खुलासे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *